Ration Card Rules: भारत सरकार ने देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत देते हुए राशन कार्ड से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं जो 1 जून 2025 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। इन नए बदलावों के तहत एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को आठ नए और महत्वपूर्ण लाभ प्रदान किए जाएंगे जो उनके जीवन स्तर को सुधारने में सीधी भूमिका निभाएंगे। सरकार का यह कदम राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी, डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक साहसी पहल है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन नए नियमों और फायदों से आम लोगों की जिंदगी पर क्या और कितना असर पड़ेगा।
हर महीने ₹1000 की सीधी आर्थिक मदद
नए नियमों के तहत सबसे बड़ा और चर्चित बदलाव यह है कि अब राशन कार्ड धारक परिवारों को हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह राशि परिवार की बुनियादी दैनिक जरूरतों जैसे दवाइयां, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को होगा जिनकी आमदनी बेहद सीमित है और जो महंगाई के बोझ तले दबे हुए हैं। सरकार की यह पहल गरीब तबके को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में एक ठोस और जमीनी कदम मानी जा रही है।
पोषणयुक्त राशन और गैस सिलेंडर पर सब्सिडी
अब राशन की दुकानों पर केवल गेहूं और चावल ही नहीं बल्कि दाल, नमक और खाद्य तेल जैसी पोषक सामग्री भी सब्सिडी पर या पूरी तरह मुफ्त प्रदान की जाएगी जिससे देश में कुपोषण की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर इस बदलाव का बेहद सकारात्मक असर पड़ेगा क्योंकि उन्हें पहले की तुलना में अधिक पोषक भोजन उपलब्ध होगा। इसके अलावा राशन कार्ड धारकों को अब सालाना 6 से 8 सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर भी प्रदान किए जाएंगे जिससे स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा और लकड़ी या कोयले पर निर्भरता घटेगी। गैस सिलेंडर की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी नए उपाय किए गए हैं जो उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी थे।
डिजिटल राशन कार्ड और वन नेशन वन राशन कार्ड
सरकार ने भौतिक राशन कार्ड की जगह अब पूरी तरह डिजिटल राशन कार्ड की व्यवस्था लागू कर दी है जिसके तहत बायोमेट्रिक सत्यापन और क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से राशन वितरण किया जाएगा। इस बदलाव से फर्जी राशन कार्डों पर प्रभावी रोक लगेगी और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी जिससे असली जरूरतमंदों को उनका हक समय पर मिल सकेगा। वन नेशन वन राशन कार्ड यानी ONORC योजना के तहत अब प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में रहते हुए अपने राशन कार्ड से राशन प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा उन लाखों मजदूरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो रोजगार की तलाश में अपना घर और राज्य छोड़कर दूसरी जगह जाते हैं और पहले उन्हें वहाँ राशन नहीं मिल पाता था।
महिला सशक्तिकरण और किसानों के लिए मुफ्त बीज
नए नियमों में महिलाओं को विशेष तवज्जो दी गई है और राशन कार्ड का मुखिया बनाने में उन्हें प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इसके साथ ही सरकारी राशन दुकानों के संचालन में भी महिलाओं को प्राथमिकता से जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़े और वे समाज में और अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें। किसान राशन कार्ड धारकों के लिए भी एक खास प्रावधान किया गया है जिसके तहत उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले बीज बिल्कुल मुफ्त में वितरित किए जाएंगे। इससे किसान परिवारों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मददगार होगा।
ऑनलाइन प्रक्रिया और ई-केवाईसी की अनिवार्यता
राशन कार्ड में नाम जोड़ने, हटाने या पता बदलने जैसी प्रक्रियाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं जिससे लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह बदलाव खासकर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं और जिनके लिए दफ्तर तक पहुँचना समय और पैसा दोनों की बर्बादी होती थी। हालांकि इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए ई-केवाईसी यानी e-KYC करवाना अनिवार्य कर दिया गया है और जो कार्डधारक यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे उनका राशन कार्ड रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक करना भी जरूरी है और परिवार में आय या संपत्ति में कोई भी बदलाव आने पर तुरंत पोर्टल पर अपडेट करना होगा।
राशन की मात्रा में बदलाव और पात्रता के नए मानदंड
नए नियमों के तहत राशन की मात्रा में भी संशोधन किया गया है जिसके अनुसार सामान्य राशन कार्ड धारकों को प्रति यूनिट 2 किलो गेहूं और 2.5 किलो चावल मिलेगा जबकि अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को 17 किलो गेहूं और 18 किलो चावल देने का प्रावधान किया गया है। पात्रता के लिहाज से यह स्पष्ट किया गया है कि जिन परिवारों में कोई सरकारी कर्मचारी हो या परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा से अधिक हो वे इस योजना के लाभ के पात्र नहीं होंगे। नवीनतम जानकारी के लिए लाभार्थियों को अपने राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS पोर्टल या ‘मेरा राशन’ ऐप का नियमित रूप से उपयोग करना चाहिए। इन बदलावों का कुल मिलाकर असर यह होगा कि देश की राशन वितरण प्रणाली पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, डिजिटल और भ्रष्टाचार मुक्त बनेगी जिसका सबसे ज्यादा फायदा देश के सबसे कमजोर तबके को मिलेगा।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। राशन कार्ड के नियम, सब्सिडी की राशि, पात्रता शर्तें और लागू होने की तारीखें राज्य सरकार और केंद्र सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार बदल सकती हैं। किसी भी लाभ का दावा करने से पहले अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग या राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल पर जाकर जानकारी सत्यापित करें। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।



